- परिचय
- BS6 क्या है ?
- BS6 इंजन टेक्नॉलजी क्या है ?
- BS6 मे यूज होने वाले प्रमुख टेक्नॉलजी ?
- BS4 Vs Bs6 इंजन मे प्रमुख अंतर ?
- BS6 इंजन के फायदे ?
- BS6 इंजन के नुकसान ?
- BS6 इंजन के Maintenece टिप्स ?
- निष्कर्ष ?
परिचय :-
आज के समय में प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है खासकर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में | इसी समस्या को हल करने के लिए भारत सरकार ने Bharat Stage Emission Standards के तहत bs6 नियम लागू किए हैं |
Bs6 इंजन टेक्नोलॉजी , Bs4 के मुकाबले काफी एडवांस और बेहतर है | यह प्रदूषण को काफी हद तक काम करता है , तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम bs6 इंजन टेक्नोलॉजी के बारे में पूरी A To Z आसान भाषा में समझेंगे |

BS6 क्या है :-
Bs6 मतलब { भारत स्टेज सिक्स } भारत सरकार द्वारा लागू किया गया , प्रदूषण को कम करने वाला नियम है जो वाहनों से निकलने वाले हानिकारक गैसों { NOX , CO , PM } को कंट्रोल करना है |
- यह नियम 1 अप्रैल 2020 सेपूरे भारत में लागू हो चुका है |

BS6 इंजन Technology क्या है :-
BS6 इंजन टेक्नोलॉजी एक एडवांस इंजन सिस्टम है। जिसमें कई नए सेंसर फिल्टर और कंट्रोल यूनिट्स का इस्तेमाल किया जाता है ताकि वातावरण मे , कम प्रदूषण हो । और इंजन ज्यादा पावरफुल और एफिशिएंट हो।
BS6 मे इस्तेमाल होने वाली प्रमुख टेक्नॉलजी :-
1. CRDI इंजन सिस्टम :-
CRDI { Common Rail Direct System } इस टेक्नॉलजी मे फ्यूल सिस्टम को और बारकी किया गया है |
- हाई प्रेसर से फ्यूल इन्जेक्शन सिस्टम को मजबूत बनाया गया है ,
- Bs 6 इंजन आने के बाद जब आप E20 फ्यूल डालोगे तो गाड़ी मे पावर और माइलिज ज्यादा मिलेंगी ,
- वातावरण मे कम स्मोक देगा ,
- बीच बीच डीजल और पेट्रोल गाड़ी मे Fuel ऐडिटिव डालना चाहिए |

2. DPF FILTER { DIESEL PARTICULATE FILTER :-
- डीजल इंजन से निकलने वाले सूचना कण PM को रोकता है ,
- और ऑटोमोबाइल क्लीनिंग रिजर्वेशन करना पड़ता है |
3. SCR { Selective Catallic Reduction } :-
- SCR सिस्टम मे जो NOX गैस को कम करता है ,
- इसमे Adblue { DEF } का यूज होता है |
4. EGR { Exhust Gas recirculation } :-
- ई जी आर सिस्टम में जो एग्जास्ट गैस होता है उसको वापस इंजन में भेजता है
- तापमान काम करता है और nox घटता है जिससे वातावरण में कम प्रदूषण होता है
5. OBD { ऑन बोर्ड डियानोस्टिक } :-
- इंजन और एमिशन सिस्टम की लगातार निगरानी चेक करता रहता है और गाड़ी में फाल्ट आ जाने पर तुरंत अलर्ट करता है |
bs4 Vs BS6 इंजन मे अंतर :-
| Feature | BS4 | BS6 |
| Emission Level | अधिक | बहुत कम |
| Technology | बेसिक | अड्वान्स |
| Sensors | कम | अधिक |
| Fuel Quality | साधारण | हाई क्वालिटी |
| Pollution | अधिक | कम |
| DPF | नहीं है | इसमे है |
| फ्यूल मे सल्फर | 50 ppm | 10 ppm |
BS6 इंजन के फायदे :-
- वातावरण मे कम प्रदूषण
- बेहतर मैलेज फ्यूल एफिसेन्सी मे बढ़ोतरी
- स्मूथ perfomance कम noise और कम vaibration
- बेहतर टेक्नॉलजी नए फीचर्स आदि
BS6 इंजन के नुकसान :-
- नई टेक्नॉलजी के कारण खर्चे भी बढ़ गया है
- अच्छी फ्यूल क्वालिटी डलवाना पड़ेगा नहीं तो समस्या आएगी
- DPF मे issues आ रहे है
BS6 इंजन के Maintenese Tips :-
- हमेशा अच्छी क्वालिटी का फ्यूल इस्तेमाल करें पेट्रोल टंकी के सिवाय कहीं और ना डलवाए
- समय-समय पर इंजन ऑयल सर्विसिंग और बाकी चीजों को भी चेक करवाना चाहिए
- लंबी ड्राइव करें ताकि डी पी एस साफ हो सके और अच्छे से उसमें जो कार्बन है वह जल सके
- डैश्बोर्ड मीटर में कोई सा भी वार्निंग लाइट आए तो अनदेखा न करें
- उरिया पानी खतम होने पर तुरंत दलवाये

BS6 इंजन मे कॉमन इशू :-
- DPF Block होना या जाम होना
- Adblue खत्म होना या इसके लाइट आने पर परेसान होना
- Sensor Failer
- चेक इंजन लाइट ऑन रहना |
निष्कर्ष :-
Bs6 इंजन टेक्नोलॉजी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में एक बहुत बड़ा बदलाव है | यह न केवल पर्यावरण को सुरक्षित करता है बल्कि गाड़ियों की परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी को भी बढ़ता है अगर सही तरीके से मेंटेन किया जाए तो bs6 इंजन लंबे समय तक टिकाऊ और बेहतर काम के लिए लायक है |
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