
1. परिचय :-
Oxygen Sensor क्या है ? नुकसान , फायदा और समाधान। जिसे ( O 2 ) सेन्सर भी कहते हैं , जिसका काम Exhust पाइप से निकालने वाले गैस सेन्स करता है की जो गैस निकाल रहा है ओ लिन मिक्स्चर या रिच मिक्स्चर है ।
2. Oxygen Sensor क्या है :-
Oxygen Sensor का उपयोग Exhust Pipe से निकालने वाले गैस को feel { महसूस } कर के Ecm को सिग्नल देता हैं , की जो गैस निकाल रहा हैं । ओ लिन है या रिच है और इसी जानकारी को Ecm को भेजता है ताकि इंजन मे सही मात्र मे Fuel और Air का मिश्रण बनाया जा सके।

आक्सिजन सेन्सर इंजन को बताता है की पेट्रोल / डीजल ज्यादा जल रहा हैं । Oxygen सेन्सर कहा पर लगा होता है – यह Exhust Manifold पर , Catalytic Converter के पहले , Catalytic Converter के बाद लगाया जाता हैं ।
यह सेन्सर 1 या 2 सेन्सर लगाया जाता हैं ।
3. Oxygen Sensor कैसे काम करता हैं :-
अब जान लेते है , आक्सिजन सेन्सर कैसे काम करता है जब इंजन चलता है तो फ्यूल जलने लगता है । उसके बाद जो गैस Exhust Pipe से बाहर निकलती उसको आक्सिजन सेन्सर सेन्स { चेक } करती है की आक्सिजन की मात्र कितनी है ।

फिर Ecu तय करता है की –
- Fuel ज्यादा देना है या
- Fuel कम करना है
- Air Fuel Ratio सही या गलत है
- सही एयर फ्यूल रैशीओ होने से
- माइलिज बेहतर मिलता है
- पलूशन कम होता है
- इंजन स्मूथ चलता हैं ।
4. खराब Oxygen Sensor के लक्षण :-

- चेक इंजन लाइट जल जाना
- DTC कोड गेनरतरेड होना
- माइलिज कम होना इंजन मिस फायर करना
- ब्लैक स्मोक देना
- पावर & पिकप कम होना
- इंजन स्टार्ट रहने पर इंजन कंपन करना
- पलूशन टेस्ट मे फैल होना क्युकी PCU टेस्ट मे गाड़ी पास नहीं होती
संभावित सेन्सर फॉल्टी :-
- फॉल्टी सेन्सर
- शॉर्ट और खुला वायर
- सर्किट मे हाई resitance
- खराब अर्थ graound
- सेन्सर हीटर circuit
- खराब ecm
5. Oxygen Sensor के नुकसान :-
- फ्यूल की खपत बड़ जाना जिससे माइलिज बहुत कम हो जाता हैं
- कैटलिटिक कन्वर्टर खराब होना जिससे पार्ट समान महंगा मिलना
- इंजन की पावर कम होता जाता है जिससे गाड़ी सुस्त चलती है पहले जैसी चलाने फ़ील नहीं आता हैं
- प्रदूषण बहुत ज्यादा बड़ जाता हैं
- इंजन का नुकसान होने का खतरा बड़ जाता हैं ।
6. Oxygen Sensor के फायदे :-
- माइलिज बड़ता है – अगर आक्सिजन सेन्सर सही मात्र मे फ्यूल सप्लाइ करवाता है जिससे पेट्रोल / डीजल की बचत होती हैं और माइलिज बड़ता हैं ।
- इंजन पावर बेहतर होती हैं ।
- सही से आक्सिजन सेन्सर काम करता है तो पलूशन कम होता हैं ।
- catalylic कन्वर्टर को सुरक्षित रहता हैं ।
- इंजन लाइफ बदती है ।
- स्पार्क प्लग की लाइफ बड़ती है जिससे स्पार्क प्लग को बार – बार बदलना नहीं पड़ता हैं ।
- इडलिंग प्रॉब्लेम्स नहीं होती जिससे स्टार्ट रखने पर बंद नहीं होता हैं ।
7. Oxygen Sensor का समाधान :-

- चेक इंजन ललाइट जलाने लगे और आपको लगता है की catalylic कन्वर्टर मे प्रॉब्लेम हो सकता है तो चेक जरूर करे
- आक्सिजन सेन्सर को बीच – बीच मे Cleaning जरूर कराय
- वाइरिंग अगर कही से टूट हुआ है तो उसे रिपेर कराय
- कई बार सेन्सर ज्यादा खराब हो जाते है उस कंडिशन्स मे सेन्सर को चेंज कर दे
- इंजन टून करवाये जिससे फ्यूल सिस्टम और इग्निशन सिस्टम सही से काम करे
8. Oxygen Sensor Voltage :-
450 mv के कम Voltage Signal Ecm को लिन सिग्नल देता हैं और 450 mv से अधिक Ecm को रिच सिग्नल देता हैं ।
9. O2 सेन्सर maintanece टिप्स :-
- ओ 2 सेन्सर लगभग 60,000 से 1,00,000 Km तक चल सकता हैं
- समय – समय पर इंजन ऑइल सर्विस बेहतर से कराय
- बेहतर कुलिटी का फ्यूल पेट्रोल /डीजल दलवाये
- इंजन ऑइल कही से लीक हो तो उसे तुरंत टिक कर वाये
- जब भी आपकी गाड़ी मे चेक इंजन लाइट आय तो अनदेखा मत करें
- बीच – बीच मे सेन्सर को क्लीन जरूर करवाये
10. निष्कर्ष :-
Oxygen Sesnor गाड़ी के सबसे महातपूर्ण सेंसेरों मे से एक है , यह इंजन की फ्यूल इफिशन्सी , परफॉरमेंस और प्रदूषण को नियत्रण करता हैं। आक्सिजन सेन्सर खराब हो जाए तो माइलिज कम , पिकप कम , और प्रदूषण ज्यादा करेंगा। इसलिए आक्सिजन सेन्सर को बीच – बीच मे क्लीन और चेक करते रहना चाहिए ।




